जब हमारा प्रोग्राम बंद होता है, तो सारे वेरिएबल्स और डेटा मेमोरी से गायब हो जाते हैं। अगर आपको डेटा हमेशा के लिए सेव करना है (जैसे टेक्स्ट फाइल या डेटाबेस में), तो हमें File Handling आनी चाहिए।
फ़ाइल को पढ़ना (Read) और लिखना (Write)
पायथन में open() फंक्शन का उपयोग करके फाइल्स के साथ काम किया जाता है। 'w' का मतलब राइट (Write) और 'r' का मतलब रीड (Read)।
# फाइल में कुछ लिखना (Save data)
with open("my_data.txt", "w") as f:
f.write("पायथन सीखना बहुत मज़ेदार है!")
# वापस फाइल से डेटा पढ़ना
with open("my_data.txt", "r") as f:
content = f.read()
print(content)
हमने यहाँ with कीवर्ड का इस्तेमाल किया है। यह फायदा देता है कि काम खत्म होने के बाद फाइल को खुद से बंद (close) कर देता है, इससे मेमोरी का कोई नुकसान (leak) नहीं होता।
Mini Project: Contact Book Logic
अब तक हमने जो 9 पार्ट्स में सीखा (लूप्स, डिक्शनरी, फंक्शन्स, एरर हैंडलिंग), सबको मिलाकर एक छोटा कंसोल-बेस्ड कांटेक्ट बुक बनाते हैं।
contact_book = {}
def add_contact(name, phone):
contact_book[name] = phone
print(name, "का नंबर सेव हो गया।")
def search_contact(name):
try:
print(f"रैम में {name} का नंबर: {contact_book[name]} है।")
except KeyError:
print("यह कांटेक्ट मौजूद नहीं है!")
# लॉजिक का इम्प्लीमेंटेशन
add_contact("Rahul", "9876543210")
search_contact("Rahul")
search_contact("Amit") # Error handling में जाएगा
यही प्रोग्रामिंग का असली मज़ा है - छोटे-छोटे लॉजिक्स को जोड़कर एक बड़ा सिस्टम खड़ा करना। पायथन की यह सीरीज़ यहीं समाप्त होती है, उम्मीद है आपको कोडिंग के कांसेप्ट्स और लॉजिक अच्छी तरह से हिंदी में समझ आ गए होंगे!